आज 1 मई है रविवार का दिन है और चंद्रमा आज के दिन मेष राशि में संचार करेंगे। आज का दिन सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहने वाला है आइए जानते हैं।
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शनि ग्रह 29 अप्रैल 2022 को मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में गोचर कर चुके हैं। शनि के इस गोचर से राशिचक्र की सभी राशियों के जीवन में कोई न कोई परिवर्तन देखने को मिलेगा कुछ लोगों के जीवन में शनि के राशि परिवर्तन से सुखद बदलाव आ सकते हैं तो वहीं कुछ जातकों के जीवन में चुनौतियां आ सकती हैं। लेकिन दोस्तों आज अपने इस वीडियो में हम आपको बताएंगे कि राशिचक्र की किन राशियों के लिए शनि का राशि परिवर्तन सबसे अधिक सुखद रहेगा।
दोस्तों साल 2022 का पहला सूर्य ग्रहण 30 अप्रैल को है। यूं तो सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है लेकिन हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण को शुभ नहीं माना जाता, और इसीलिए सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण के दौरान कुछ सावधानियां बरतने को कहा जाता है। लेकिन सूर्य ग्रहण होने के बावजूद भी कुछ राशियों को लाभ मिल सकता है, कौन सी हैं ये राशियां वीडियो में जानें।
साल 2022 का पहला सूर्य ग्रहण 30 अप्रैल को है। यह सूर्य ग्रहण भारतीय समय के अनुसार रात्रि के 12 बजकर 16 मिनट से शुरू होगा और 4 बजकर 8 मिनट तक रहेगा। सूर्य ग्रहण मेष राशि में लगने जा रहा है जो कि सूर्य की उच्च राशि भी है। ऐसे में सूर्य ग्रहण का सभी 12 राशियों पर कैसा असर देखने को मिलेगा वीडियो में जानें।
आपके साथ भी कई बार होता होगा कि आप किसी चीज को रखकर भूल गए, किसी से मिले लेकिन उसका नाम भूल गए। ऐसी स्थिति का सामना कभी-न-कभी सभी को करना पड़ता है लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिनको इस समस्या से हर रोज दो-चार होना पड़ता है। यानि उनकी याददाश्थ मेमोरी कमजोर होती है। अगर आप भी इन लोगों में शामिल हैं आपको याददाश्त कमजोर है तो आज हम आपको कुछ ऐसे उपायों के बारे में बताएंगे जिनको आजमाकर आप याददाश्त को मजबूत कर सकते हैं।
ज्योतिष में मंगल को सेनानायक का दर्जा प्राप्त है, मंगल नेतृत्व, ऊर्जा, पराक्रम आदि का भी कारक ग्रह माना जाता है। कुंडली में इसकी स्थिति का हर व्यक्ति के जीवन पर कुछ न कुछ असर देखने को जरूर मिलता है। मंगल की शुभ स्थिति जहां व्यक्ति को साहसी बनाती है, नेतृत्व की क्षमता देती है वहीं कमजोर स्थिति में यह व्यक्ति के अंदर आत्मविश्वास की कमी भर सकता है और कई और परेशानियां भी आपको आ सकती हैं। आप बिना कुंडली देखे भी जान सकते हैं कि आप मंगल दोष से पीड़ित हैं या नहीं, वीडियो में इस बारे में विस्तार तसे जानें।
नवरात्रि के नवम दिन यानि आखिरी दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। मार्कण्डेय पुराण में वर्णित है कि माता अपने भक्तों को आठ सिद्धियां अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्रकाम्य, प्राप्ति, ईशित्व और वशित्व प्रदान करती हैं। यही कारण है के माता के नवम स्वरूप को सिद्धिदात्री कहा जाता है। माता सिद्धिदात्री को मंत्रों के जप से कैसे आप प्रसन्न कर सकते हैं वीडियो में जानें।
माता दुर्गा की आठवीं शक्ति को माता महागौरी कहा जाता है। नवरात्र के आठवें दिन इनकी पूजा की जाती है। ऐसा माना जाता है कि माता महागौरी की अराधना मात्र से भक्तों के सभी पाप कर्म और पिछले जन्मों में किये गए पाप भी धुल जाते हैं। माता महागौरी को आप नवरात्रि के आठवें दिन कैसे प्रसन्न कर सकते हैं वीडियो में जानें।
कन्या पूजन का नवरात्रि के दौरान बड़ा महत्व है। यदि आप नवरात्रि के दौरान सही तरीके से कन्या पूजन करते हैं तो आपको माता की कृपा प्राप्त होती है साथ ही आपके जीवन में सुख-समृद्धि आती है। नवरात्रि के दौराना कन्या पूजन की सही विधि क्या है इसके बारे में वीडियो में विस्तार से जानें।
नवरात्रि के सातवें दिन माता कालरात्रि की पूजा की जाती हैं। माता कालरात्रि माता दुर्गा का सातवां रूप हैं। इस दिन माता कालरात्रि की पूजा आराधना तो की ही जाती है लेकिन इस दिन मंत्रों के जप से भी आप माता को प्रसन्न कर सकते हैं। मंत्र जप से माता की आराधना करने से आपको जीवन में सुख समृद्धि प्राप्त हो सकती है। किन मंत्रों के जप से माता को आप प्रसन्न कर सकते हैं वीडियो में जानें।
तार्किक क्षमता और बुद्धि के कारक ग्रह बुध 8 अप्रैल 2022 को मीन राशि से निकलकर मेष राशि में गोचर करेंगे। बुध को व्यापार का कारक भी माना जाता है इसलिए मेष राशि में बुध के प्रवेश के बाद अर्थव्यवस्था पर भी इसका असर देखने को मिलेगा। बुध गोचर का प्रभाव यूं तो राशिचक्र की सभी राशियों पर देखने को मिलेगा लेकिन कुछ राशियों के लिए यह गोचर बहुत लाभदायक हो सकता है। कौन सी हैं ये राशियां जिनके जीवन में बुध गोचर के बाद अच्छे बदलाव आ सकते हैं वीडियो में जाने विस्तार से।
चैत्र और शारदीय नवरात्रि के दौरान माता के भक्त माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए व्रत रखते हैं उनकी पूजा-आराधना करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि नवरात्र की शुरुआत कैसे हुई थी? क्या आप जानते हैं कि सबसे पहले नवरात्रि का व्रत किसके द्वारा लिया गया था। अगर नहीं तो दोस्तों आज हम आपको इसी बारे में जानकारी देंगे।
नवरात्रि के पांचवे दिन स्कंदमाता की पूजा आराधना की जाती है, देवी भागवत पुराण के अनुसार देवी दुर्गा का यह स्वरूप ममता और स्नेह से परिपूर्ण है। कार्तिकेय का एक नाम स्कंद भी है। स्कंद की माता होने की वजह से माता को जगत में स्कंदमाता रूप में जाना जाता है। स्कंदमाता को किन मंत्रों के जप से आप प्रसन्न कर सकते हैं इसके बारे में वीडियो में पूरी जानकारी पाएं।
वास्तु शास्त्र के छोटे-छोटे उपायों को आजमाकर भी आप अपने जीवन में कई सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकते हैं। आज ऐसे ही कुछ उपायों के बारे में आपको हमारे वीडियो में जानकारी मिलेगी। इन उपायों की मदद से आप न केवल मानसिक शांति पा सकते हैं बल्कि आपके जीवन की कई परेशानियां भी दूर हो सकती हैं।
आज 5 अप्रैल है और आज नवरात्रि का चौथा दिन है। नवरात्र के चौथे दिन देवी के चतुर्थ स्वरूप माता कूष्मांडा की पूजा का विधान है। माता कुष्मांडा अपने भक्तों की दुख-विपदाओं को दूर कर सुख-समृद्धि प्रदान करने वाली मानी जाती हैं। नवरात्रि के चौथे दिन माता कुष्मांडा को किन मंत्रों के जप से प्रसन्न करना चाहिए वीडियो में जानें।
आज 5 अप्रैल है मंगलवार का दिन है और आज के दिन चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में संचार करेंगे। अपनी उच्च राशि में विराजमान होकर चंद्रमा कई लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। आज का दिन राशिचक्र की सभी राशियों के लिए कैसा रहेगा आइए जानते हैं।
स्वप्न शास्त्र के अनुसार सपने हमें आने वाले समय के बारे में कुछ न कुछ संकेत जरूर देते हैं। हर इंसान को कई तरह के सपने होते हैं कुछ सपने शुभ संकेत देने वाले माने जाते हैं तो कुछ को अशुभ संकेत देने वाला माना जाता है। ऐसे में दोस्तों आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि अगर आप सपने में अपने किसी करीबी को मरते देखते हैं तो यह सपना असल जीवन में किस बात का संकेत माना जाता है।
चैत्र नवरात्रि के दौरान भक्त माता दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए पूजा आराधना करते हैं। माता के नौ रूपो में से एक हैं माता चंद्रघंटा जिनकी पूजा नवरात्रि के तीसरे दिन की जाती है। मंत्रों के जप से माता चंद्रघंटा को आप कैसे प्रसन्न कर सकते हैं वीडियो में जानें।
Chaitra Navratri Bhog : दोस्तों चैत्र नवरात्रि के दौरान भक्त माता दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए माता रानी की पूजा आराधना करते हैं। ज्योतिषीय और आध्यात्मिक दृष्टि से भी नवरात्रि को बहुत शुभ माना जाता है क्योंकि नवरात्रि में माता की पूजा आराधना करके आप ग्रह नक्षत्रों की प्रतिकूलता को भी खत्म कर सकते हैं। ऐसे में दोस्तों आइए जानते हैं कि राशि के अनुसार आपको नवरात्रि के मौके पर माता को कौन से भोग लगाने चाहिए माता के किस रूप की पूजा करनी चाहिए जिससे आपके ग्रहों की प्रतिकूलता भी दूर हो सकती है और आप माता रानी को भी आप प्रसन्न कर सकते हैं।
दोस्तों नवरात्रि के पहले दिन माता शैलपुत्री की पूजा आराधना की जाती है, आपको बता दें कि शैलपुत्री माता हिमालय की पुत्री है और माना जाता है कि माता शैलपुत्री की पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। ऐसे में दोस्तों आज हम अपने इस वीडियो में आपको जानकारी देंगे कि नवरात्रि के पहले दिन माता शैलपुत्री का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए किन मंत्रों का जप करना चाहिए।
आज 2 अप्रैल है शनिवार का दिन है आज के दिन चंद्रमा मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे। आज के दिन हिंदू नववर्ष की भी शुरुआत हो रही है, इसलिए आप सभी को हिंदू नववर्ष की शुभकामनाएं। आइए अब जानते हैं सभी राशियों के लिए आज का दिन कैसा रहने वाला है।
चैत्र नवरात्र 2 अप्रैल यानि कल से शुरू हो रहे हैं। नवरात्रि के दौरान माता के भक्त नवरात्रि के पहले दिन कलश की स्थापना करते हैं। अगर आप भी मां दुर्गा की आराधना के लिए कलश स्थापित करते हैं तो आज हम आपको कलश स्थापना से जुड़ी जरूरी जानकारियां प्रदान करेंगे। हम आपको कलश स्थापना की विधि और इस दौरान जो सामग्रीयां आपको इस्तेमाल करनी चाहिए उनके बारे में बताएंगे।
हर व्यक्ति चाहता है कि उसे एक ऐसा जीवनसाथी मिले जो जीवन भर उसका साथ दे लेकिन आज के समय में शादी के बाद पति-पत्नी के बीच अलगाव की स्थिति भी आम बात हो गई है। कई लोग शादी होने के बाद तलाक ले लेते हैं और दूसरा विवाह कर लेते हैं। वहीं यह भी संभव है कि शादी के कुछ समय बाद ही जीवनसाथी का निधन हो जाए। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कुंडली में ग्रहों के वो कौन से योग होते हैं जिनसे पता चलता है कि आपकी दूसरी शादी होगी या नहीं। आज हम आपको इसी बारे में जानकारी देने जा रहे हैं।