अहोई अष्टमी का व्रत 17 अक्टूबर 2022 को है यह व्रत करवा चौथ के 4 दिन के बाद रखा जाता है। करवा चौथ पर महिलााएं पति की लंबी उम्र की कामना के लिए व्रत रखती हैं वहीं अहोई अष्टमी के दिन संतान की दीर्घायु के लिए महिलाओं के द्वारा व्रत रखा जाता है। रात में तारों को अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण होता है और फिर जल ग्रहण किया जाता है। यह व्रत अहोई मैय्या को समर्पित होता है। इस साल 17 अक्टूबर को यह व्रत है और पंचांग के अनुसार, इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है। मान्यता है कि इस योग में संतान की दीर्घायु के लिए रखा गया व्रत विशेष रूप से फलदायी माना जाता है। आइए आपको बताते हैं इस व्रत से जुड़ी मान्यताएं, महत्व और पूजाविधि व शुभ मुहूर्त।
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