अच्छा खिलाड़ी होने के लिए अच्छी शारीरिक और मानसिक क्षमता का होना बहुत जरूरी होता है। इसलिए कुंडली में लग्न के स्वामी का मजबूत होना बहुत जरूरी माना जाता है। क्योंकि यह भाव आपके शरीर को दर्शाता है। इसके बाद पराक्रम भाव यानि तृतीय भाव के स्वामी का भी मजबूत होना कुंडली में बहुत आवश्यक होता है क्योंकि यह पराक्रम का भाव कहा जाता है। वहीं पंचम भाव को खेल का भाव माना जाता है इसलिए कुंडली में इस भाव का और इसके स्वामी का मजबूत होना भी कुंडली में बहुत आवश्यक होता है। इसके अलावा शुक्र और मंगल दो ऐसे ग्रह है जो कुंडली में शुभ हों तो व्यक्ति को खेलकूद में सफलता दिलाते हैं। मंगल नेतृत्व की क्षमता और शारीरिक बल व्यक्ति को प्रदान करता है वहीं शुक्र रचनात्मकता देता है। वहीं ऐसे खेल जिनमें बुद्धि का बहुत अधिक इस्तेमाल होता है जैसे शतरंज उनके लिए बुध का कुंडली में मजबूत होना आवश्यक होता है। यदि आप विश्वनाथन आनंद जो कि भारत के चैंपियन शतरंज खिलाड़ी हैं उनकी कुंडली में भी बुध बहुत मजबूत है। चंद्रमा मन का कारक है और खेलों में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए इस ग्रह की अनुकूलता भी आवश्यक है।
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